विश्व पर्यावरण दिवस पर नगर निगम परिषद की विशेष बैठक, स्वच्छ और हरित सिंगरौली के लिए बनी कार्ययोजना ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, कचरा पृथक्करण और प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने का लिया संकल्
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नगर पालिक निगम सिंगरौली की विशेष परिषद बैठक आयोजित की गई।

Singrauli News: सिंगरौली। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नगर पालिक निगम सिंगरौली की विशेष परिषद बैठक आयोजित की गई। संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शहर को स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता नगर निगम परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने की। इस अवसर पर सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, महापौर रानी अग्रवाल, मेयर-इन-काउंसिल सदस्य खुर्शीद आलम, शत्रुघ्न लाल शाह, श्यामला, रुक्मणी देवी, नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान तथा सांसद प्रतिनिधि संतोष वर्मा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ किया गया।
कचरा पृथक्करण होगा अनिवार्य
बैठक में बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत घरों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों में स्रोत स्तर पर ही गीले, सूखे और हानिकारक कचरे का पृथक्करण अनिवार्य किया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।
वार्ड स्तर पर बनेंगी स्वच्छता समितियां
नगर निगम द्वारा स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए प्रत्येक वार्ड में पार्षदों के नेतृत्व में स्वच्छता समितियों का गठन किया जाएगा। ये समितियां नागरिकों को कचरा पृथक्करण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सिंगल-यूज प्लास्टिक के बहिष्कार के प्रति जागरूक करेंगी।
जलभराव रोकने और तालाबों के संरक्षण पर जोर
बैठक में शहर के पारंपरिक जल स्रोतों और तालाबों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन पर भी चर्चा की गई। आगामी मानसून को देखते हुए सभी प्रमुख नालों की वैज्ञानिक तरीके से सफाई कराने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या न हो।
ग्रीन बेल्ट और कचरा प्रसंस्करण व्यवस्था होगी मजबूत
परिषद ने शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने, ग्रीन बेल्ट विकसित करने तथा कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही ड्रेनेज सिस्टम, स्वच्छता व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी।
स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल सिंगरौली बनाने का संकल्प
बैठक के समापन पर परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने कहा कि सिंगरौली केवल देश की “ऊर्जाधानी” ही नहीं, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी एक आदर्श शहर बने, यह सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों से शहर को कचरा-मुक्त एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की। बैठक में नेता प्रतिपक्ष सीमा जायसवाल सहित कई पार्षदों, निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया और शहर की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने सुझाव रखे।