कलेक्ट्रेट के सामने 40 दुकानों में चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
दो रात तक चोरों का तांडव, AC की कॉपर पाइप, कम्प्रेसर और केबल ले गए; पुलिस गश्त पर व्यापारियों ने उठाए सवाल

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सिंगरौली। जिला मुख्यालय बैढ़न में कलेक्ट्रेट के ठीक सामने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में चोरों ने सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी। अज्ञात चोरों ने लगातार दो रातों में करीब 40 दुकानों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की सामग्री पार कर दी। चोरी गए सामान की कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई जा रही है।
चोरों ने दुकानों में लगे एयर कंडीशनरों की इंडोर और आउटडोर यूनिट को जोड़ने वाली कीमती कॉपर गैस पाइप काटकर निकाल ली। इसके अलावा कम्प्रेसर, कॉपर केबल और अन्य विद्युत सामग्री को भी नुकसान पहुंचाया गया। जिस तरीके से पाइप और अन्य सामान काटकर निकाला गया, उससे साफ है कि चोरों को वारदात को अंजाम देने में पर्याप्त समय लगा होगा।
कलेक्ट्रेट के सामने चोरी, फिर भी भनक नहीं!
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस स्थान पर जिले का कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय कुछ ही दूरी पर मौजूद हैं, वहां चोर लगातार दो रात तक दुकानों को निशाना बनाते रहे और पुलिस की कथित नियमित गश्त को इसकी भनक तक नहीं लगी।
व्यापारियों का कहना है कि यदि मुख्यालय क्षेत्र में ही दुकानों की सुरक्षा इस स्तर की है तो शहर के दूरदराज इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
कबाड़ चोरों के आतंक का भी आरोप
व्यापारियों का आरोप है कि बैढ़न कोतवाली क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से कबाड़ चोर गिरोह सक्रिय हैं। इससे पहले अम्बेडकर चौक स्थित व्यावसायिक प्लाजा की कई दुकानों के शटर तोड़कर चोरी की घटनाएं सामने आने की बात कही जा रही है। व्यापारियों का दावा है कि पुलिस थाना से महज कुछ दूरी पर होने के बावजूद ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया।
अब कृषि उपज मंडी परिसर की करीब 40 दुकानों में एक साथ चोरी की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और रात्रिकालीन गश्त पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोतवाली में नेतृत्व का सवाल
इधर बैढ़न कोतवाली प्रभारी के लंबे अवकाश पर होने और उनके डीएसपी पद पर पदोन्नत होने के बाद कोतवाली में नेतृत्व को लेकर भी चर्चा है। ऐसे में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों के सामने चुनौती और बढ़ गई है।
हालांकि पुलिस की ओर से चोरों की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया गया है, लेकिन व्यापारियों का सवाल है कि पहले चोरी रोकने की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी?
इन दुकानों को बनाया निशाना
कृषि उपज मंडी परिसर में उत्तम ऑनलाइन, प्रकाश एसोसिएट, गौतम इंटरप्राइजेज, ओमप्रकाश, शारदा ऑनलाइन, कृष्णा ऑनलाइन, योगेश कुमार शुक्ला, अख्तर ऑनलाइन, रामप्रकाश, रवि, आशुतोष ऑनलाइन, संदीप शाह, भरत ऑनलाइन, प्रणव ऑनलाइन, ओम ऑनलाइन, रूद्र ऑनलाइन, शक्ति मेडिकल स्टोर, अब्दुल हमीद, नीरज किराना स्टोर, अब्दुल अकीम, राजेश्वरी प्रसाद दुबे, सीए अभिमन्यु सहित अन्य दुकानों के एसी और विद्युत उपकरणों को नुकसान पहुंचाते हुए सामग्री चोरी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस और मंडी सचिव से शिकायत
घटना से नाराज दुकानदारों ने पुलिस के साथ-साथ कृषि उपज मंडी समिति, सिंगरौली के सचिव को भी लिखित शिकायत दी है। व्यापारियों ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के इतने करीब हुई इस वारदात का पुलिस कितनी जल्दी खुलासा करती है और क्या चोरी के पीछे सक्रिय गिरोह तक पहुंच पाती है।
सबसे बड़ा सवाल—जब चोर दो रात तक मंडी परिसर में बेखौफ घूमते रहे, तो पुलिस की रात्रिकालीन गश्त आखिर कहां थी?



