सिर्फ प्रवेश नहीं, शिक्षा की नई दिशा भी जरूरी

AI, करियर काउंसलिंग और लक्ष्य आधारित शिक्षा पर सिंगरौली से निकला सकारात्मक संदेश
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सिंगरौली। शिक्षा केवल विद्यालय में प्रवेश दिलाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी उतना ही आवश्यक है। शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैढ़न में आयोजित “स्कूल चलें हम” प्रवेश उत्सव के दौरान कलेक्टर गौरव बैनल ने जिस तरह लक्ष्य आधारित शिक्षा, नियमित अध्ययन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सकारात्मक उपयोग पर जोर दिया, वह बदलते समय की जरूरत को दर्शाता है।
आज प्रतिस्पर्धा का दौर है। केवल किताबों तक सीमित ज्ञान अब पर्याप्त नहीं माना जाता। ऐसे में यदि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी भी AI, डिजिटल शिक्षा, करियर काउंसलिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसी सुविधाओं से जुड़ते हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक बदलाव होगा।
कलेक्टर द्वारा CSR के माध्यम से NEET और IIT-JEE की निःशुल्क कोचिंग, नियमित करियर काउंसलिंग और समृद्ध लाइब्रेरी विकसित करने के निर्देश स्वागत योग्य पहल हैं। हालांकि इन घोषणाओं की वास्तविक सफलता तभी होगी, जब इन्हें समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जाएगा और प्रत्येक विद्यार्थी तक इसका लाभ पहुंचेगा।
शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। यदि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, आधुनिक तकनीक, बेहतर मार्गदर्शन और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, तो सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।
“स्कूल चलें हम” अभियान तभी पूरी तरह सफल माना जाएगा, जब हर बच्चे को सिर्फ स्कूल में प्रवेश ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और अपने सपनों को पूरा करने का समान अवसर भी मिले।



