रायबरेली में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की हुंकार, जनसभा में उमड़ा जनसैलाब

रायबरेली में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की हुंकार, जनसभा में उमड़ा जनसैलाब
अपना विचार रायबरेली
डॉ. सोनेलाल पटेल पर 23 अगस्त 1999 को इलाहाबाद में हुए प्राणघातक हमले की बरसी पर रायबरेली में विशाल जनसभा आयोजित की गई। सभा में ‘दूसरी आजादी की प्रथम क्रांति’ के संकल्प को दोहराते हुए सामाजिक न्याय और व्यवस्था परिवर्तन की आवाज बुलंद की गई।
जनसभा में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने पुराने संघर्षों को याद किया। वक्ताओं ने आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज, जेल यात्राओं और कथित दमन का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं का आक्रोश आज भी लोगों के बीच मौजूद है।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आने वाले समय में सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन भी जरूरी है। उन्होंने सामाजिक न्याय और आमजन की भागीदारी वाली व्यवस्था के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
जनसभा में उमड़ी भीड़ को आयोजकों ने बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत बताया। कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था परिवर्तन और सामाजिक न्याय के समर्थन में जमकर नारेबाजी हुई।



