जांच में कई स्टांप वेंडरों के रिकॉर्ड में मिली अनियमितताएं, लाइसेंस निरस्तीकरण की तैयारी

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सिंगरौली (वैढ़न)। जिले में स्टांप वेंडरों के खिलाफ पंजीयन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला पंजीयक एवं विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न स्टांप वेंडरों के यहां औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई वेंडरों के रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर में अनियमितताएं सामने आई हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि दस्तावेजों में गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित स्टांप वेंडरों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
जांच के दौरान दशराम बैस, जगजीवन कुशवाहा, राजेश दुबे, हरिकृष्ण शाह एवं आभा शाह के यहां रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर की जांच की गई। अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेज जब्त कर उनका परीक्षण शुरू कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पंजीयन विभाग को पिछले कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ स्टांप वेंडर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर स्टांप बेच रहे हैं तथा नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पंजीयक प्रबल प्रताप सिंह और उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार ने सोमवार को औचक निरीक्षण किया।
उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार ने बताया कि जांच अभी जारी है। यदि रिकॉर्ड में गड़बड़ी, नियमों के उल्लंघन या अन्य अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित स्टांप वेंडरों के लाइसेंस निरस्त करने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने यह भी संकेत दिया कि स्टांप वेंडरों और सर्विस प्रोवाइडरों द्वारा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले अधिक राशि वसूलने के आरोप में कुछ सर्विस प्रोवाइडरों के लाइसेंस भी निरस्त किए जा चुके हैं।



