जन विश्वास अभियान में लंबित मामलों पर कलेक्टर सख्त, 100% निराकरण के निर्देश
बैढ़न-नवजीवन विहार में 14 अगस्त को लगेंगे शिविर, सीएम हेल्पलाइन से लेकर प्रमाण पत्र और हितग्राही योजनाओं के मामलों पर होगी फोकस्ड कार्रवाई

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सिंगरौली, 10 अगस्त ।कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा की बैठक में सरकारी योजनाओं और जनसमस्याओं के लंबित प्रकरणों को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई। कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि जन विश्वास अभियान के शिविर केवल औपचारिक आयोजन न बनें, बल्कि लंबित प्रकरणों के वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण निराकरण का माध्यम बनें।
14 अगस्त को नगरीय क्षेत्र के बैढ़न और नवजीवन विहार में आयोजित होने वाले जन विश्वास अभियान शिविरों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े लंबित आवेदनों को चिन्हित कर शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शिविरों में आधार, समग्र, आयुष्मान योजना तथा नगर निगम से संबंधित करों के भुगतान के लिए अलग-अलग काउंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।
कागजों में नहीं, मौके पर दिखे जन विश्वास
कलेक्टर ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को क्षेत्र में अनिवार्य रूप से भ्रमण करने और जनसमस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए। एसडीएम स्तर पर लंबित सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी के मामलों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण कराने के साथ जन्म प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और राजस्व मामलों को प्राथमिकता देने को कहा गया।
यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी दफ्तरों में लंबित आवेदनों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए कितने चक्कर लगाने पड़ते हैं। जन विश्वास अभियान की सफलता का वास्तविक पैमाना शिविर में जुटी भीड़ नहीं, बल्कि शिविर के बाद कम हुई शिकायतें और समय पर मिले सरकारी लाभ होंगे।
हर घर तिरंगा पर भी प्रशासन की नजर
बैठक में हर घर तिरंगा अभियान की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने तिरंगा रैलियों के दौरान भीड़ प्रबंधन, आवश्यकता पड़ने पर भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
खाद की कालाबाजारी पर कार्रवाई के निर्देश
किसानों के लिए खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तेलहन एवं दलहन की बोनी के रकबे की जानकारी क्षेत्र भ्रमण के माध्यम से जुटाने तथा खाद-बीज दुकानों के नियमित औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए।
कालाबाजारी या अनियमितता मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब देखना यह होगा कि निरीक्षण और कार्रवाई के ये निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से लागू होते हैं।
NRC में खाली बेड नहीं रहने देने के निर्देश
पोषण पुनर्वास केंद्रों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कुपोषित बच्चों की भर्ती व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी बच्चे के डिस्चार्ज होने से पहले ही रिक्त होने वाले बेड पर चिन्हित कुपोषित बच्चे को भर्ती कराया जाए। उन्होंने NRC केंद्रों में कोई भी बेड खाली नहीं रहने देने और प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा।
जर्जर स्कूल और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण भी एजेंडे में
बैठक में जर्जर विद्यालय भवनों का लोक निर्माण विभाग से परीक्षण कराने तथा आवश्यकता के अनुसार मरम्मत अथवा जर्जर भवनों को ध्वस्त कराने के निर्देश दिए गए। वहीं शासकीय भूमियों पर किए गए व्यावसायिक अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई के लिए नगर निगम आयुक्त और एसडीएम को निर्देशित किया गया।
वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया पूरी कर पात्र हितग्राहियों को पट्टे जारी करने के निर्देश भी वन विभाग के अधिकारियों को दिए गए।
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कलेक्ट्रेट की बैठक में निर्देशों की लंबी सूची जरूर सामने आई है, लेकिन असल परीक्षा अब आदेश जारी होने के बाद शुरू होगी। सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, प्रमाण पत्र, राजस्व विवाद, खाद की उपलब्धता, अतिक्रमण और कुपोषण जैसे मुद्दे सीधे आम नागरिक से जुड़े हैं।
जन विश्वास केवल शिविर लगाने से नहीं बनेगा—जब अधिकारी नागरिक की समस्या को सुनकर उसी प्रक्रिया में समाधान तक पहुंचाएंगे, तभी प्रशासन पर वास्तविक विश्वास मजबूत होगा। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि 14 अगस्त के शिविरों में कितने लंबित प्रकरण वास्तव में निपटते हैं और कितने मामले केवल अगले आदेश या जांच के लिए आगे बढ़ाए जाते हैं।



