मध्य प्रदेशमुद्दे की बात नंदकिशोर के साथसिंगरौली

टीएचडीसी-जेपी मझौली के विस्थापितों का 22 अगस्त से आंदोलन का ऐलान, 7 दिन में मांगें पूरी करने की चेतावनी

टीएचडीसी-जेपी मझौली के विस्थापितों का 22 अगस्त से आंदोलन का ऐलान, 7 दिन में मांगें पूरी करने की चेतावनी

अपना विचार समाचार सिंगरौली। टीएचडीसी कंपनी एवं जेपी मझौली परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज होने के आसार हैं। पचौर जीरो में चल रहे आंदोलन के बावजूद समस्याओं का निराकरण नहीं होने से विस्थापित परिवारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। विस्थापितों ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सिंगरौली को ज्ञापन सौंपकर सात दिवस के भीतर मांगों का निराकरण करने की मांग की है।

विस्थापितों की प्रमुख मांगों में वर्ष 2017-18 में किए गए सर्वे से भुगतान से छूटे मकानों को शामिल करना, छूटे हुए विस्थापित परिवारों के नाम जोड़ना, रोजगार एवं नौकरी उपलब्ध कराना, प्रदूषण की समस्या का निराकरण तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत सहित अन्य मांगें शामिल हैं।

बताया गया कि पूर्व में आंदोलन स्थल पर अपर कलेक्टर पहुंचे थे और समस्याओं के निराकरण के लिए 15 दिन का समय मांगा था। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने और प्रशासन की ओर से कोई ठोस सूचना नहीं मिलने से विस्थापितों में असंतोष बढ़ गया।

इसी मुद्दे को लेकर 16 अगस्त को ग्राम पचौर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 18 अगस्त को कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सिंगरौली को मांग पत्र सौंपकर प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी जाएगी।

विस्थापितों ने कहा है कि यदि सात दिवस के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया और जेपी मझौली कंपनी द्वारा विस्थापित कामगारों एवं प्रभावित परिवारों को रोजगार सहित उचित हक नहीं दिया गया, तो 22 अगस्त 2026 से कंपनी के कार्यों के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

आंदोलनकारियों ने दावा किया कि इस आंदोलन में सिंगरौली जिले के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एकजुट होकर विस्थापित परिवारों के समर्थन में सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा और विस्थापितों को न्याय दिलाने के लिए सभी राजनीतिक दल मिलकर संघर्ष करेंगे।

विस्थापित प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति के लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार बताया है।

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  • नंदकिशोर पटेल
    प्रधान संपादक एवं प्रकाशक
    भारत सरकार के नियमानुसार पंजीकृत समाचार पत्र के संपादक के रूप में निष्पक्ष, निर्भीक एवं जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित। सत्य, पारदर्शिता और जनविश्वास हमारी पहचान है।

    सत्य • निष्पक्षता • जनहित

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