नेपाल में तिरंगा लहराकर लौटे सिंगरौली के नन्हें कराटे चैंपियंस, कलेक्टर ने किया सम्मानित
नेपाल में तिरंगा लहराकर लौटे सिंगरौली के नन्हें कराटे चैंपियंस, कलेक्टर ने किया सम्मानित

सिंगरौली। जिले के नन्हें कराटे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंगरौली और देश का नाम रोशन किया है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित 12वीं माउंट एवरेस्ट इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप-2026 में सिंगरौली के खिलाड़ियों ने 2 स्वर्ण, 3 रजत एवं 5 कांस्य पदक सहित कुल 10 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
इस उपलब्धि पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित सम्मान समारोह में कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने सभी विजेता खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता में संयुक्ता सिंह (अंडर-7) और सिगिनाम नित्या श्री (अंडर-12) ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का तिरंगा शान से लहराया।
रजत पदक विजेताओं में शौर्य पिपलिया (अंडर-8), अवनीश अग्रवाल (अंडर-13) एवं श्रेयाशी शर्मा (अंडर-10) शामिल रहे। वहीं कांस्य पदक विजेताओं में मणिकर्णिका दुबे, प्रतिष्ठा सिंह राठौर, शुभी अग्रहरि, साई कृष्णा आचार्य तथा आर्यांश भारद्वाज ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कलेक्टर श्री बैनल ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि खेल प्रतिभाएं जिले की अमूल्य धरोहर हैं। जिला प्रशासन खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने मुख्य कोच गणेश सिंह को शासकीय विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावासों में विशेष कराटे प्रशिक्षण योजना का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए, ताकि बच्चों विशेषकर बालिकाओं को आत्मरक्षा और खेल कौशल का प्रशिक्षण मिल सके।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सिंगरौली के इन नन्हें चैंपियंस की सफलता जिले के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
अपना विचार:
सिंगरौली के बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 10 पदक जीतना केवल खिलाड़ियों की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। यदि प्रशासन, प्रशिक्षक और अभिभावक इसी तरह सहयोग करते रहे तो आने वाले समय में सिंगरौली के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को छुएंगे। खेलों को बढ़ावा देना बच्चों के सर्वांगीण विकास और आत्मविश्वास के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
