डीएमएफ बैठक में राजनीतिक दल के जिला अध्यक्ष की मौजूदगी पर उठे सवाल, पारदर्शिता की मांग

डीएमएफ बैठक में राजनीतिक दल के जिला अध्यक्ष की मौजूदगी पर उठे सवाल, पारदर्शिता की मांग
सिंगरौली। जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) की बैठकों में राजनीतिक निष्पक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि डीएमएफ जैसी सरकारी बैठकें जनहित, विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों के लिए आयोजित की जाती हैं, न कि किसी एक राजनीतिक दल के मंच के रूप में।
प्रश्न यह उठाया जा रहा है कि जब बैठक में क्षेत्र के सांसद और विधायक स्वयं उपस्थित थे, तब किसी एक राजनीतिक दल के जिला अध्यक्ष को किस नियम, अधिनियम या प्रशासनिक प्रावधान के तहत आमंत्रित किया गया। यदि उन्हें किसी वैधानिक प्रावधान के आधार पर बुलाया गया है, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
साथ ही यह मांग भी की जा रही है कि यदि राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को सरकारी बैठकों में आमंत्रित करने की कोई व्यवस्था है, तो लोकतांत्रिक निष्पक्षता के सिद्धांत के अनुसार अन्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों को भी समान अवसर दिया जाना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को इस विषय में स्पष्ट जानकारी जारी करनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित आमंत्रण किस नियम या प्रक्रिया के तहत दिया गया था। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी बैठकों की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का समाधान हो सकेगा।



