ओबीसी आरक्षण के 91 मामलों की अगली सुनवाई 24 जून को, हाईकोर्ट ने कहा- होगी डे-टू-डे हियरिंग

ओबीसी आरक्षण के 91 मामलों की अगली सुनवाई 24 जून को, हाईकोर्ट ने कहा- होगी डे-टू-डे हियरिंग
जबलपुर, 16 जून। मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण से जुड़े 91 प्रकरणों की सुनवाई मंगलवार को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच क्रमांक-2 में जस्टिस आनंद पाठक एवं जस्टिस भगवती प्रसाद शर्मा की खंडपीठ के समक्ष हुई। मामले सीरियल क्रमांक 47 पर सूचीबद्ध थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने इन प्रकरणों की अगली तारीख 24 जून निर्धारित करते हुए स्पष्ट किया कि इसके बाद मामलों की डे-टू-डे हियरिंग की जाएगी।
वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने दोपहर 2:30 बजे अदालत को अवगत कराया कि पूर्व आदेश के अनुसार इन सभी मामलों की सुनवाई निर्धारित थी, इसलिए मुख्य याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि यदि ऐसा संभव न हो तो सुप्रीम कोर्ट के 18 फरवरी 2026 के आदेश के आलोक में लंबित अंतरिम आदेशों को समाप्त करने हेतु दायर आवेदनों पर विचार किया जाए, क्योंकि लाखों अभ्यर्थी पिछले सात वर्षों से नियुक्तियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता के तर्कों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मुख्य याचिका क्रमांक 5901/2019 के अधिवक्ता अनुपस्थित हैं तथा यह पहली बार इस बेंच के समक्ष सूचीबद्ध हुई है। इसलिए सभी मामलों की सुनवाई 24 जून से प्रतिदिन की जाएगी।
बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 को पारित आदेश में तीन माह की समय-सीमा निर्धारित की थी। हालांकि, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में रोस्टर के अनुसार सुनवाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में अवकाश के कारण मंगलवार की सुनवाई में याचिकाकर्ताओं के कई वरिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित नहीं हो सके।
ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद, परमानंद साहू, शशांक रत्नू एवं अभिलाषा लोधी ने पक्ष रखा।
मुख्य बिंदु
24 जून को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने दिए डे-टू-डे हियरिंग के संकेत
ओबीसी आरक्षण से जुड़े 91 मामले लंबित
सात वर्षों से नियुक्तियों की प्रतीक्षा कर रहे लाखों अभ्यर्थी
सुप्रीम कोर्ट पहले ही तय कर चुका है तीन माह की समय-सीमा



