एसडीएम सुरेश जाधव का औचक निरीक्षण: राशन दुकानों में अनियमितता, स्कूल से गायब मिले शिक्षक, आंगनबाड़ी में भी मिली लापरवाही

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सिंगरौली। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक सही तरीके से पहुंच रहा है या नहीं, इसकी हकीकत जानने के लिए उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सिंगरौली श्री सुरेश जाधव ने गुरुवार को क्षेत्र के शासकीय उचित मूल्य दुकानों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर एसडीएम ने तत्काल नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
राशन दुकान में नाम-पट्ट नहीं, स्टॉक सूची गायब, हितग्राहियों ने लगाई कटौती की शिकायत
सबसे पहले एसडीएम ने शासकीय उचित मूल्य दुकान जरहा का निरीक्षण किया। यहां दुकान का नाम प्रदर्शित नहीं था और न ही स्टॉक एवं मूल्य सूची लगाई गई थी। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की कि राशन वितरण में प्रति हितग्राही लगभग एक किलोग्राम अनाज कम दिया जा रहा है।
एसडीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बंद मिली राशन दुकान, गंदगी पर लगाई फटकार
इसके बाद शासकीय उचित मूल्य दुकान खुटार बंद मिली। एसडीएम ने मौके पर ही दुकान खुलवाई और दुकान परिसर में फैली गंदगी पर विक्रेता को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी दुकानों में स्वच्छता और पारदर्शिता दोनों अनिवार्य हैं।
हस्ताक्षर कर स्कूल से गायब मिले दो शिक्षक
शासकीय हाई स्कूल जरहा के निरीक्षण में बड़ा खुलासा हुआ। शिक्षक सुनील कुमार पाण्डेय और के.एन. गुप्ता उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने के बावजूद विद्यालय में मौजूद नहीं मिले।
इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए एसडीएम ने दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
मिड-डे मील में भी मिली गड़बड़ी
विद्यालय में दर्ज छात्र संख्या की तुलना में मध्यान्ह भोजन काफी कम मात्रा में तैयार किया गया था। इसे बच्चों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए एसडीएम ने संबंधित स्व-सहायता समूह के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) को दिए।
आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका अनुपस्थित, कार्यकर्ता नहीं दे सकीं जानकारी
निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र खुटार की सहायिका ड्यूटी से अनुपस्थित मिलीं। वहीं मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं करा सकीं। इस लापरवाही पर भी एसडीएम ने नाराजगी जताई और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
एसडीएम की दो टूक चेतावनी
निरीक्षण के बाद उपखंड अधिकारी सुरेश जाधव ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, जनता के अधिकारों में कटौती या कर्तव्य के प्रति उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले सभी कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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औचक निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की जवाबदेही तय करने का प्रभावी माध्यम होना चाहिए। यदि राशन में कटौती, विद्यालयों में फर्जी उपस्थिति और आंगनबाड़ी केंद्रों की लापरवाही जैसी शिकायतों पर लगातार सख्त कार्रवाई होती रही, तो सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंचेगा। अब जरूरी यह है कि इस निरीक्षण के बाद दोषियों पर कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित न रहे, बल्कि उसके परिणाम भी जनता के सामने दिखाई दें।



