100 बेड अस्पताल की वाहवाही के बीच सरई सीएचसी की बदहाल व्यवस्था पर सवाल
डॉक्टर-नर्स और तीन एंबुलेंस मौजूद, फिर भी मरीज सुविधाओं से वंचित; अस्पताल के शौचालयों की हालत बदतर

100 बेड अस्पताल की वाहवाही के बीच सरई सीएचसी की बदहाल व्यवस्था पर सवाल
डॉक्टर-नर्स और तीन एंबुलेंस मौजूद, फिर भी मरीज सुविधाओं से वंचित; अस्पताल के शौचालयों की हालत बदतर
सरई। देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम द्वारा 100 बेड के अस्पताल को लेकर लगातार विकास की उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं, लेकिन सरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल में डॉक्टर और नर्सों की मौजूदगी के बावजूद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
अस्पताल परिसर में बने शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है। गंदगी और दुर्गंध के बीच मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह उठता है कि जब अस्पताल में जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मौजूद हैं, तो फिर साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की यह बदहाल स्थिति क्यों बनी हुई है?
तीन एंबुलेंस होने के बावजूद मरीजों को सुविधा क्यों नहीं?
सरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन एंबुलेंस होने के बावजूद जरूरतमंद मरीजों को बेहतर परिवहन सुविधा नहीं मिल पाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर ये एंबुलेंस किसके लिए और किस उद्देश्य से उपलब्ध कराई गई हैं?
एक ओर 100 बेड के अस्पताल को लेकर बड़े-बड़े दावे और वाहवाही हो रही है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शौचालय, साफ-सफाई और मरीजों की मूलभूत सुविधाओं की स्थिति जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों ने अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और एंबुलेंस सेवा को प्रभावी बनाने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए कब तक ठोस कदम उठाते हैं।



