चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, ऐतिहासिक बाढ़ से हाहाकार

चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, ऐतिहासिक बाढ़ से हाहाकार
खतरे के निशान से 10 मीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, बड़े पुल के ऊपर तीन फीट पानी; यूपी–एमपी संपर्क टूटा
अपना विचार/ चित्रकूट। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने रविवार को रौद्र रूप धारण कर लिया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से चित्रकूट धाम क्षेत्र में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदाकिनी में इतनी भीषण बाढ़ पहले कभी देखने को नहीं मिली।
बाढ़ का पानी नदी किनारे स्थित बड़े-बड़े होटल, दुकानें और कई घरों में घुस गया है। बताया जा रहा है कि मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 10 मीटर ऊपर पहुंच गया है। स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है और जलस्तर में अभी भी बढ़ोतरी की सूचना है।
पुल पर तीन फीट पानी, संपर्क मार्ग बाधित
बाढ़ के चलते एक पुल के टूटने की भी खबर सामने आई है। वहीं बड़े पुल के ऊपर करीब तीन फीट पानी बहने के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इसके चलते उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क टूट गया है।
चित्रकूट क्षेत्र के ग्राम बरवारा, चिल्ला, परसोंजा, पटिया, कहेटा, रमयापुर, कलवारा बुजुर्ग समेत दर्जनों गांव बाढ़ के संकट की चपेट में हैं। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
प्रशासन अलर्ट, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। प्रशासन और राहत-बचाव दलों को भी स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। ग्रामीणों से अपील है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और बाढ़ प्रभावित मार्गों पर वाहन लेकर जाने से बचें।
मंदाकिनी का लगातार बढ़ता जलस्तर चित्रकूट के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले घंटों में स्थिति और विकट हो सकती है।
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