फर्जी मुकदमों के आधार पर हुई कार्रवाई के खिलाफ कानूनी लड़ाई तेज, मंडल आयुक्त गढ़वाल, उत्तराखंड के समक्ष पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. के.एस. चौहान

फर्जी मुकदमों के आधार पर हुई कार्रवाई के खिलाफ कानूनी लड़ाई तेज, मंडल आयुक्त गढ़वाल, उत्तराखंड के समक्ष पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. के. एस. चौहान
अपना विचार गढ़वाल/देहरादून। पीपल्स यूथ फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई. ललित कुमार के विरुद्ध जिला बदर एवं गुंडा एक्ट के तहत की गई कार्रवाई के खिलाफ कानूनी लड़ाई अब नए चरण में पहुंच गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. के .एस. चौहान अपनी कानूनी टीम के साथ मंडल आयुक्त गढ़वाल, उत्तराखंड कार्यालय पहुंचे और मामले में विस्तृत पक्ष रखते हुए कार्रवाई को चुनौती दी।
पीपल्स यूथ फ्रंट का आरोप है कि ई. ललित कुमार के ऊपर राजनीतिक और व्यक्तिगत द्वेष के चलते फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए तथा उन्हीं मामलों के आधार पर जिला बदर और गुंडा एक्ट जैसी कठोर कार्रवाई की गई। संगठन का कहना है कि ललित कुमार लंबे समय से सामाजिक और जनहित के मुद्दों को उठाते रहे हैं, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. के.एस. चौहान ने मंडल आयुक्त गढ़वाल, उत्तराखंड के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर कहा कि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई कानून की भावना के अनुरूप नहीं है तथा संबंधित मामलों का निष्पक्ष परीक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए और बिना पर्याप्त आधार के कठोर कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती।
बताया जा रहा है कि अधिवक्ता टीम ने मंडल आयुक्त गढ़वाल, उत्तराखंड के समक्ष सभी प्रासंगिक दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए जिला बदर एवं गुंडा एक्ट के आदेश को निरस्त करने की मांग की है। इस दौरान टीम ने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो मामले को उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय तक भी ले जाया जाएगा।
पीपल्स यूथ फ्रंट के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से सत्य सामने आएगा और ई. ललित कुमार को न्याय मिलेगा। फिलहाल इस मामले पर मंडल आयुक्त गढ़वाल, उत्तराखंड स्तर पर सुनवाई और विचार-विमर्श की प्रक्रिया जारी है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।



