स्कूल वाहनों पर यातायात पुलिस की सख्ती: 80 वाहनों की जांच, 32 पर चालान, 5 ओवरलोड वाहन कार्रवाई की जद में

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सिंगरौली, 1 जुलाई। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सिंगरौली यातायात पुलिस ने बुधवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों के आसपास और प्रमुख मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्कूल बसों, मारुति वैन और ऑटो रिक्शाओं सहित कुल 80 स्कूल वाहनों की सघन जांच की गई। जांच में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले 32 वाहनों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई, जबकि निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन कर रहे 5 ओवरलोड वाहनों पर भी वैधानिक कार्रवाई की गई।
यह विशेष अभियान पुलिस अधीक्षक षियाज़ के.एम. (भा.पु.से.) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा तथा नगर पुलिस अधीक्षक उमेश प्रजापति के मार्गदर्शन में यातायात पुलिस द्वारा संचालित किया गया। पुलिस का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों, मोटरयान अधिनियम और शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना तथा बच्चों की सुरक्षित एवं दुर्घटनारहित यात्रा सुनिश्चित करना था।
सुरक्षा मानकों की हुई बारीकी से जांच
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने प्रत्येक स्कूल वाहन के फिटनेस प्रमाणपत्र, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), बीमा, परमिट, पंजीयन प्रमाणपत्र (RC), टैक्स संबंधी दस्तावेजों के साथ-साथ फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, पैनिक बटन, इमरजेंसी एग्जिट, इमरजेंसी हैमर, रिफ्लेक्टिव टेप और चेतावनी बोर्ड जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की।
इसके अलावा वाहन चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस, परिवहन बैज, वाहन संचालन के अनुभव, नशामुक्त अवस्था, यातायात नियमों की जानकारी तथा बच्चों को सुरक्षित बैठाने और ओवरलोडिंग नहीं करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का भी परीक्षण किया गया।
बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाले वाहनों का संचालन, सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता अथवा अन्य गंभीर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित वाहन संचालकों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों ने सभी स्कूल संचालकों, प्राचार्यों, वाहन मालिकों और चालकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल वाहन में कार्यशील फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, पैनिक बटन सहित सभी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें और वाहनों का समय-समय पर रखरखाव कराया जाए।
अभिभावकों से भी सहयोग की अपील
यातायात पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल उन्हीं स्कूल वाहनों से भेजें, जो सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हों। यदि किसी वाहन में ओवरलोडिंग, सुरक्षा उपकरणों की कमी या अन्य गंभीर लापरवाही दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस अथवा संबंधित अधिकारियों को दें।
अभियान रहेगा लगातार जारी
पुलिस अधीक्षक षियाज़ के.एम. ने कहा कि “बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सुरक्षित स्कूल वाहन ही अभिभावकों के विश्वास की सबसे बड़ी गारंटी है।”
यातायात पुलिस ने बताया कि स्कूल वाहनों की यह विशेष जांच आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।



