तियरा तालाब बनेगा पर्यटन और मत्स्य उत्पादन का नया केंद्र, एनसीएल सीएसआर से विकसित होगा प्रोजेक्ट

तियरा तालाब बनेगा पर्यटन और मत्स्य उत्पादन का नया केंद्र, एनसीएल सीएसआर से विकसित होगा प्रोजेक्ट
बोटिंग, थीम पाथ-वे और वॉच टॉवर होंगे आकर्षण का केंद्र, मछुआ समिति को मिलेगा रोजगार का नया अवसर
अपना विचार सिंगरौली, 12 जून 2026। जिले के तियरा ग्राम पंचायत स्थित गर्रा सिंचाई जलाशय को पर्यटन और मत्स्य उत्पादन के अनोखे संगम के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल द्वारा मछुआ समिति के सदस्यों के साथ हुई बैठक के बाद तैयार किए गए “तियरा जल विहार एवं मत्स्य पालन” परियोजना का शुक्रवार को स्वयं कलेक्टर तथा एनसीएल के जीएम सीएसआर राजीव रंजन ने स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
कलेक्टर श्री बैनल ने आदिवासी मछुआ सहकारिता समिति तियरा द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना पर्यटन और मछली उत्पादन का बेहतरीन मॉडल साबित होगी। उन्होंने समिति के सदस्यों को आश्वस्त किया कि परियोजना को एनसीएल के सीएसआर फंड के माध्यम से पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
समिति के सदस्यों ने बताया कि तालाब में आधुनिक केज कल्चर तकनीक के माध्यम से मछली उत्पादन बढ़ाया जाएगा। साथ ही आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में बतख पालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
पर्यटन को ध्यान में रखते हुए परियोजना के अंतर्गत तालाब क्षेत्र में रिक्रिएशनल थीम आधारित पाथ-वे, प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए बैठक व्यवस्था, बोटिंग गतिविधियां, सौंदर्यीकरण तथा व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा।
परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण जलाशय के बीच स्थित दो टापू होंगे, जहां वॉच टॉवर सहित पर्यटकों के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां विकसित की जाएंगी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री बैनल एवं जीएम सीएसआर राजीव रंजन ने स्थल का भ्रमण कर प्रस्तावित विकास कार्यों का जायजा लिया।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साकार होने के बाद तियरा का गर्रा जलाशय न केवल मत्स्य उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि सिंगरौली जिले के पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
@संपादक अपना विचार



