
कोयला परिवहन प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर कलेक्टर गौरव बैनल का बड़ा एक्शन, एफआईआर दर्ज करने के दिए निर्देश
सिंगरौली, 9 जून 2026। जिले में कानून-व्यवस्था एवं आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री गौरव बैनल द्वारा 22 मई 2026 को जारी किए गए कोयला एवं फ्लाई ऐश (राखड़) परिवहन प्रतिबंध आदेश के उल्लंघन पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आदेश की अवहेलना करने वाली परियोजनाओं एवं परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
कलेक्टर द्वारा कार्यालयीन आदेश क्रमांक 165/आरडीएम दिनांक 22 मई 2026 के तहत 23 मई 2026 प्रातः 6 बजे से 24 मई 2026 दोपहर 12 बजे तक सड़क मार्ग से कोयला एवं फ्लाई ऐश के परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद एपीएमडीसी, टीएचडीसी तथा एमडीओ अडानी एंटरप्राइजेज से कोयला लेकर चलने वाले वाहन प्रतिबंधित अवधि के दौरान सरई एवं बरगवां क्षेत्र में परिवहन करते पाए गए।
तहसीलदार बरगवां की 26 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार प्रतिबंधित अवधि में कोयला परिवहन करने वाले चार वाहनों को सरई, झुरही एवं उज्जैनी मार्ग से ग्राम मझौली स्थित रेलवे साइडिंग की ओर जाते समय 23 मई को सुबह लगभग 9 बजे जब्त किया गया। ये वाहन करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय कर लगभग दो घंटे तक परिवहन करते पाए गए।
प्रकरण में संबंधित परियोजनाओं एवं वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर दो दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
कलेक्टर के आदेश के अनुसार एपीएमडीसी, टीएचडीसी, अडानी लॉजिस्टिक्स, एमडीओ अडानी एंटरप्राइजेज, एसीसी लिमिटेड, मेसर्स आंध्र प्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा ट्रांसपोर्टर सृष्टि लॉजिस्टिक्स के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई जाएगी।
इसके साथ ही भविष्य में आदेशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र एवं परमिट निरस्त करने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में नियमों की अवहेलना करने वाले परिवहनकर्ताओं और कंपनियों के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त कदम माना जा रहा है।
कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की मनमानी अथवा आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



