तीसरी संतान के नियम उल्लंघन पर सिंगरौली के उप पंजीयक अशोक परिहार सेवा से बर्खास्त
बहुचर्चित हैं सिंगरौली में रजिस्ट्रार साहब

तीसरी संतान के नियम उल्लंघन पर सिंगरौली के उप पंजीयक अशोक परिहार सेवा से बर्खास्त
भोपाल/सिंगरौली, 12 जून। मध्यप्रदेश पंजीयन विभाग ने सिंगरौली में पदस्थ उप पंजीयक श्री अशोक सिंह परिहार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, भोपाल द्वारा 11 जून 2026 को जारी आदेश में विभागीय जांच में लगाए गए आरोपों को प्रमाणित मानते हुए यह कार्रवाई की गई।
विभागीय जांच में पाया गया कि श्री परिहार की शासकीय सेवा के दौरान उनकी तीसरी संतान अभिषेक सिंह का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ था। यह तथ्य कलेक्टर सिंगरौली द्वारा गठित संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट तथा स्वयं श्री परिहार द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से पुष्ट हुआ।
वर्ष 2025 में जारी आरोप पत्र के बाद विभागीय जांच कराई गई, जिसमें जांच अधिकारी ने आरोप को पूर्णतः सिद्ध माना। इसके बाद श्री परिहार को अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। अपने जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें तीसरी संतान संबंधी नियमों की जानकारी नहीं थी तथा विभाग द्वारा भी कोई सूचना नहीं दी गई थी।
हालांकि विभाग ने उनके इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। आदेश में कहा गया कि श्री परिहार वर्ष 1992 से नियमित शासकीय सेवा में हैं और वर्ष 2003 में तीसरी संतान का जन्म होने के बावजूद नियमों की जानकारी न होने का दावा स्वीकार्य नहीं है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 में 10 मार्च 2000 को किए गए संशोधन के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की दो से अधिक जीवित संतान हैं और उनमें से किसी एक का जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद हुआ है, तो वह शासकीय सेवा के लिए पात्र नहीं होगा।
इन्हीं प्रावधानों के आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 10(8) के तहत उप पंजीयक सिंगरौली श्री अशोक सिंह परिहार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर सिंगरौली, उप महानिरीक्षक पंजीयन जबलपुर, जिला पंजीयक सिंगरौली सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है।



