कलेक्टर ने निभाया अपना वादा, गड़ेरिया कन्या शिक्षा परिसर में खेल सुविधाओं की सौगात
रिकॉर्ड समय में बने बास्केटबॉल, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और पिकलबॉल कोर्ट का हुआ लोकार्पण, हिंडालको के सहयोग से साकार हुआ छात्राओं का सपना

अपना विचार समाचार।
सिंगरौली। प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित कार्यशैली का एक सकारात्मक उदाहरण शुक्रवार को उस समय देखने को मिला, जब कन्या शिक्षा परिसर गड़ेरिया में छात्राओं से किया गया कलेक्टर गौरव बैनल का वादा हकीकत में बदल गया। परिसर में नव-निर्मित बास्केटबॉल, बैडमिंटन, वॉलीबॉल एवं पिकलबॉल कोर्ट का विधिवत शुभारंभ देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम, कलेक्टर गौरव बैनल तथा हिंडालको इकाई प्रमुख लीनू पंचमन की उपस्थिति में छात्राओं के हाथों कराया गया।
दरअसल, कुछ समय पूर्व कलेक्टर ने विद्यालय के निरीक्षण के दौरान छात्राओं से सीधा संवाद किया था। इस दौरान छात्राओं ने खेल सुविधाओं के अभाव की समस्या रखते हुए परिसर में विभिन्न खेल कोर्ट बनाए जाने की मांग की थी। कलेक्टर ने उसी समय आश्वासन दिया था कि छात्राओं को पढ़ाई के साथ खेलों के लिए भी बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। अब वह आश्वासन रिकॉर्ड समय में पूरा कर दिया गया है।
बिरला हिंडालको के सीएसआर सहयोग और जिला प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग से बैडमिंटन, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल एवं पिकलबॉल कोर्ट का निर्माण कार्य पूरा किया गया। शुभारंभ के साथ ही छात्राओं को सभी आवश्यक खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, जिससे वे तत्काल अभ्यास शुरू कर सकें।
इस अवसर पर कलेक्टर गौरव बैनल ने कहा कि शिक्षा के साथ खेल भी व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले की बेटियों को हर वह सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे शिक्षा के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें और जिले व प्रदेश का नाम रोशन करें।
नई खेल सुविधाएं मिलने से छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने जिला प्रशासन और हिंडालको के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें परिसर के भीतर ही नियमित अभ्यास का अवसर मिलेगा, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होगा।
कार्यक्रम में देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम, जनपद सदस्य रामधनी यादव, समाजसेवी पूनम गुप्ता, सहायक आयुक्त रेखा पनचाल, प्राचार्य बी.के. द्विवेदी, जितेंद्र छौंकर, डॉ. विवेकानंद, संजय सिंह, विजय बैस, राजीव रंजन, वीरेंद्र पांडे सहित विद्यालय परिवार, हिंडालको के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
अपना विचार समाचार का मानना है कि यदि प्रशासन जनसंवाद के आधार पर निर्णय लेकर समयबद्ध तरीके से उन्हें अमल में लाए, तो सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का आत्मविश्वास और भविष्य दोनों मजबूत हो सकते हैं। गड़ेरिया कन्या शिक्षा परिसर इसका एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है।



