बिलौजी मेन रोड बना बस स्टैंड! दिन-रात सड़क पर खड़ी रहती हैं यात्री बसें, यातायात विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल

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सिंगरौली। ऊर्जा नगरी सिंगरौली का बिलौजी मेन रोड इन दिनों सड़क कम और निजी बसों का अस्थायी बस स्टैंड अधिक दिखाई देता है। सड़क के किनारे नहीं, बल्कि मुख्य मार्ग पर ही दर्जनों यात्री बसों का घंटों खड़ा रहना आम बात बन गई है। दिन हो या रात, यह नज़ारा लगातार देखने को मिलता है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
‘अपना विचार समाचार‘ के कैमरे में कैद तस्वीरें साफ बताती हैं कि कई निजी यात्री बसें लंबे समय तक मेन रोड पर खड़ी रहती हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है, वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और दोपहिया वाहन चालकों व पैदल राहगीरों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

क्या सड़क ही बना दी गई निजी बसों की पार्किंग?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस की नियमित गश्त होती है, तो फिर इन बसों को मुख्य सड़क पर खड़ा रहने की अनुमति कौन दे रहा है? यदि यह अवैध है तो कार्रवाई क्यों नहीं होती, और यदि अनुमति है तो किस नियम के तहत?

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। सड़क पर खड़ी बसों के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
हर समय बना रहता है हादसे का खतरा
बिलौजी मेन रोड शहर का व्यस्त मार्ग है। यहां से स्कूली बच्चे, कर्मचारी, एंबुलेंस, भारी वाहन और आम नागरिक लगातार गुजरते हैं। ऐसे में मुख्य सड़क पर बसों का लंबे समय तक खड़ा रहना किसी भी समय गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बन सकता है।

रात के समय खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि खड़ी बसों के कारण पीछे से आने वाले वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता।
यातायात नियम आम जनता के लिए ही हैं क्या?
जब सड़क किनारे कुछ मिनट वाहन खड़ा करने पर आम लोगों के चालान काटे जाते हैं, तब घंटों तक मुख्य मार्ग पर खड़ी रहने वाली इन निजी बसों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? यह सवाल अब आम नागरिक भी पूछ रहे हैं।
यदि नियम सबके लिए समान हैं, तो बस संचालकों को विशेष छूट क्यों? और यदि कार्रवाई नहीं हो रही, तो क्या इसे प्रशासनिक उदासीनता माना जाए?
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तस्वीरें यह संकेत देती हैं कि सड़क पर कई यात्री बसें नियमित रूप से खड़ी रहती हैं और इससे यातायात प्रभावित हो सकता है। यदि यह स्थिति लगातार बनी हुई है, तो संबंधित विभागों को इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। प्रशासन और यातायात पुलिस की जिम्मेदारी केवल चालान काटना नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं को रोकना भी है। बिलौजी मेन रोड को निजी बसों की पार्किंग बनने से रोकना और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना अब प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने की नौबत न आए।



