बंधौरा प्लांट में लाखों की चोरी का खुलासा, 3.50 लाख रुपये का चोरी गया सामान बरामद
अडानी से जुड़े प्रोजेक्ट में कार्यरत कंपनी से कॉपर-एल्यूमीनियम केबल चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की त्वरित कार्रवाही

अपना विचार समाचार
सिंगरौली। जिले के माड़ा थाना अंतर्गत बंधौरा पुलिस चौकी ने प्लांट से हुई लाखों रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसके घर से करीब 3 लाख 50 हजार रुपये मूल्य का चोरी गया कॉपर केबल, एल्यूमीनियम केबल, सीलिंग वायर एवं सेफ्टी बेल्ट बरामद कर जब्त कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, 17 जून 2026 को फिराज इंजीनियरिंग लिमिटेड कंपनी, जो अडानी परियोजना के अंतर्गत विद्युत कार्य कर रही है, के परिसर से अज्ञात व्यक्ति द्वारा अलग-अलग समय पर लगभग 100 मीटर कॉपर केबल, 90 मीटर एल्यूमीनियम केबल, सीलिंग वायर और सेफ्टी बेल्ट चोरी कर ली गई थी। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक शियाज़ के. एम. (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में चोरी की घटनाओं के शीघ्र खुलासे के लिए विशेष निर्देश दिए गए थे। अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रोशनी कुर्मी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी माड़ा शिवपूजन मिश्रा ने चौकी प्रभारी बंधौरा उपनिरीक्षक संदीप नामदेव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की।
जांच के दौरान पुलिस ने बबलू प्रसाद जायसवाल (32 वर्ष), पिता छोटे जायसवाल, निवासी कर्सुआलाल, चौकी बंधौरा, थाना माड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे एवं घर से चोरी गया पूरा सामान बरामद कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पूर्व में ऐसी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं तथा चोरी का सामान बेचने के लिए किसी गिरोह से उसका संबंध तो नहीं था।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप नामदेव, सहायक उपनिरीक्षक राजवर्धन सिंह, प्रधान आरक्षक राकेश विश्वकर्मा, दिलीप धाकड़, आरक्षक अनीश सिंह, रामराजा एवं शिवेन्द्र सिंह की सराहनीय भूमिका रही।
अपना विचार समाचार का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की ऐसी त्वरित कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, लगातार हो रही चोरी की घटनाएं यह भी संकेत देती हैं कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपनी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।



