सिंगरौली की मधुबनी कला को राष्ट्रीय पहचान, अहिल्याबाई स्वसहायता समूह की पेंटिंग प्रधानमंत्री को भेंट
महिला सशक्तिकरण और स्थानीय लोककला को मिला सम्मान, समूह की महिलाओं के कार्य की जनप्रतिनिधियों ने की सराहना

अपना विचार समाचार
सिंगरौली। सिंगरौली जिले के ग्राम सैमुअर स्थित अहिल्याबाई स्वसहायता समूह द्वारा तैयार की गई पारंपरिक मधुबनी पेंटिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा भेंट की गई। यह अवसर समूह की महिला सदस्यों की कला, मेहनत और आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान माने जाने के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर राज्यमंत्री (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्र, सिंगरौली विधायक राम निवास शाह, सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक, धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम तथा देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की गई मधुबनी पेंटिंग की सराहना करते हुए उनके उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा की।
प्रशासन के अनुसार, अहिल्याबाई स्वसहायता समूह की महिलाओं को मधुबनी कला का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने में कलेक्टर गौरव बैनल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में यूनियन बैंक स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से महिलाओं को मधुबनी पेंटिंग का प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद वे अपनी पारंपरिक कला को आजीविका का माध्यम बनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की गई मधुबनी पेंटिंग अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रही है। प्रधानमंत्री को यह कलाकृति भेंट किया जाना न केवल समूह की महिलाओं के लिए सम्मान का विषय है, बल्कि सिंगरौली की लोककला, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यह पहल पारंपरिक कला को रोजगार से जोड़ने का एक सफल उदाहरण प्रस्तुत करती है और अन्य महिलाओं को भी अपनी कला एवं कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती है।



