
छिंदवाड़ा में पुराने BAMCEF साथियों से संपर्क अभियान तेज, संगठन के इतिहास और भविष्य पर हुई विस्तृत चर्चा
छिंदवाड़ा अपना विचार। जिले में पिछले एक माह से पुराने BAMCEF एवं DS-4 से जुड़े साथियों की खोज कर उनसे पुनः संपर्क स्थापित करने का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में वर्ष 1982 में DS-4 आंदोलन के दौरान सक्रिय रहे कुछ वरिष्ठ साथियों के साथ लगभग दो घंटे तक आत्मीय एवं विस्तृत चर्चा आयोजित की गई।
चर्चा के दौरान वरिष्ठ साथियों ने संगठन निर्माण के शुरुआती दौर के संघर्ष, कार्यशैली, जनसंपर्क, वैचारिक अभियान तथा अपने अनुभव साझा किए। बातचीत में संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, जिनमें “किसकी BAMCEF?” का प्रश्न प्रमुख रूप से सामने आया।
वरिष्ठ साथियों ने संगठन के इतिहास, वर्तमान परिस्थितियों और भविष्य की दिशा पर आगे भी विस्तृत चर्चा जारी रखने की आवश्यकता जताई। उन्होंने बताया कि अगली बैठक में अपने एक अन्य पुराने साथी के साथ पर्याप्त समय लेकर पुनः संवाद किया जाएगा, ताकि संगठनात्मक अनुभवों और विचारों का व्यापक आदान-प्रदान हो सके।
इस अवसर पर यह भी कहा गया कि संगठनात्मक कार्य केवल भाषण लेखन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के बीच जाकर पुराने साथियों को खोजने, उनसे संवाद स्थापित करने, उनके अनुभवों को समझने, टूटे हुए संपर्कों को पुनः जोड़ने तथा उन्हें मिशन से फिर से जोड़ने की सतत प्रक्रिया ही वास्तविक संगठन निर्माण का आधार है।
यह संपर्क अभियान संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं के अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



