रजमिलान-सिंगरौली में बामसेफ का क्लस्टर अधिवेशन सम्पन्न, राष्ट्रीयकरण और बहुजन संगठनों की एकता पर हुआ मंथन

*रजमिलान-सिंगरौली में बामसेफ का क्लस्टर अधिवेशन सम्पन्न, राष्ट्रीयकरण और बहुजन संगठनों की एकता पर हुआ मंथन*
अपना विचार**सिंगरौली। भारतीय संविधान की 78वीं वर्षगांठ के अवसर पर बामसेफ द्वारा आयोजित लोक महोत्सव **“क्लस्टर अधिवेशन”** कार्यक्रम रजमिलान-सिंगरौली में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सामाजिक, संवैधानिक और आर्थिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिवेशन में **“राष्ट्रीयकरण का पैगाम, निजीकरण पर लगाम—अर्थात राष्ट्रीयकरण से लोकतांत्रिक राज्य समाजवाद की ओर”** तथा **“मूलनिवासी बहुजन संगठनों की एकता के बुनियादी सिद्धांत और कार्यक्रम”** विषय प्रमुख रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने पूंजीवाद और निजीकरण के प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि लंबे समय से बामसेफ एवं उसके अनुषांगिक संगठनों द्वारा निजीकरण के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वक्ताओं के अनुसार निजीकरण के प्रभाव अब आम जनता के सामने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं और इसका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है।

इस दौरान बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा लिखित **“राज्य और अल्पसंख्यक”** पुस्तक के अध्ययन और व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पुस्तक में आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए गए हैं, जिन्हें जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। अधिवेशन का उद्देश्य इन विषयों पर जनता को जागरूक करना और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका को मजबूत करना बताया गया।
*बहुजन संगठनों की एकता पर जोर*
अधिवेशन के दूसरे सत्र में **NCCMBO (National Co-Operation and Co-Ordination of Mulnivasi Bahujan Organisations)** के माध्यम से मूलनिवासी बहुजन संगठनों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
वक्ताओं ने संविधानवाद, लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली, मूलनिवासी-बहुजन पहचान, आपसी समन्वय-सहयोग तथा नायक पूजा के विरोध जैसे मुद्दों को संगठनात्मक एकता के महत्वपूर्ण आधार के रूप में रेखांकित किया। कार्यक्रम में सामाजिक कुरीतियों और असमानता के खिलाफ संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर भी विचार रखे गए।
अधिवेशन में कहा गया कि सामाजिक परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयासों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर जनजागरूकता को मजबूत करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक परिवार और कार्यकर्ता तक विचार एवं संदेश पहुंचाने तथा संवाद के लिए मंच उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
*ये रहे प्रमुख अतिथि एवं सहभागी*
कार्यक्रम में * आर.के. सिंह (NCL), एडवोकेट नन्दकिशोर पटेल (लीगल सेल, संविधान प्रबोधक), सुनील जायसवाल (संस्थापक अध्यक्ष, ओबीसी महासंघ रजि.), एडवोकेट अश्वनी शाहवाल (संविधान प्रबोधक), सुदामा प्रसाद जायसवाल (सेवानिवृत्त प्राचार्य), हेमन्त वर्मा (जिलाध्यक्ष, भीम आर्मी), राजकुमार मूलनिवासी, गोपाल यादव (NCL), जवाहर लाल शाह (प्राचार्य, शासकीय हाई स्कूल कर्मुआराजा), रामजनम शाह (शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कर्तुआराजा) एवं सुनीता सांवले (शिक्षिका, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौरा)** सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
हीरा लाल प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष बामसेफ** रहे। कार्यक्रम का संचालन **संदीप सिंह ,कोषाध्यक्ष बामसेफ सिंगरौली** तथा **संजीव सिंह, जिला महासचिव बामसेफ सिंगरौली** ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता **हरिवंश सिंह (वरिष्ठ कार्यकर्ता, बामसेफ)** तथा **तुलसी प्रसाद साकेत, जिलाध्यक्ष प्रभारी बामसेफ सिंगरौली** एवं सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अधिवेशन में सामाजिक जागरूकता, संवैधानिक मूल्यों और बहुजन संगठनों के बीच समन्वय को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया।



