जे फार्म सर्विसेज एप से किसानों को बड़ी सुविधा, घर बैठे किराये पर मिलेंगे ट्रैक्टर और कृषि यंत्र
ऑनलाइन बुकिंग से खेती होगी आसान, लागत घटेगी और बढ़ेगी पैदावार

जे फार्म सर्विसेज एप से किसानों को बड़ी सुविधा, घर बैठे किराये पर मिलेंगे ट्रैक्टर और कृषि यंत्र
ऑनलाइन बुकिंग से खेती होगी आसान, लागत घटेगी और बढ़ेगी पैदावार
अपना विचार सिंगरौली संवाददाता। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खेती को अधिक लाभकारी एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिले में “जे फार्म सर्विसेज एप” संचालित किया जा रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान घर बैठे ट्रैक्टर तथा विभिन्न कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और किसानों के लिए उपयोगी सुविधा साबित हो रहा है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के किसान अपने क्षेत्र में पंजीकृत सेवा प्रदाताओं से ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग कर उनकी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वहीं जिन किसानों के पास स्वयं के ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्र उपलब्ध हैं, वे भी सेवा प्रदाता के रूप में पंजीयन कर अपने यंत्रों की जानकारी और किराया दर दर्ज कर आसपास के किसानों को सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं।
ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय में आवश्यक कृषि यंत्रों की उपलब्धता की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। समय पर आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर किसान खेती की लागत कम करने के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता बढ़ाकर अधिक लाभ अर्जित कर सकेंगे।
कृषि विभाग के अनुसार, वर्तमान में सिंगरौली जिले में जे फार्म सर्विसेज एप पर 3,027 किसान, 226 कृषि यंत्र सेवा प्रदाता और 25 निजी कस्टम हायरिंग सेंटर पंजीकृत हैं। इस सुविधा का लाभ एम.पी. किसान एप के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है।
कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल फोन में एम.पी. किसान एप अथवा जे फार्म सर्विसेज एप डाउनलोड कर ऑनलाइन बुकिंग सुविधा का लाभ उठाएं। इससे ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रों की उपलब्धता आसान होगी और आधुनिक तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा मिलेगा।
प्रमुख बिंदु
घर बैठे ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग।
किसान स्वयं भी सेवा प्रदाता बनकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
जिले में 3,027 किसान और 226 सेवा प्रदाता पहले से पंजीकृत।
25 निजी कस्टम हायरिंग सेंटर भी एप से जुड़े।
आधुनिक कृषि तकनीक से लागत कम और उत्पादन बढ़ाने में मिलेगी मदद।



