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बलियरी में बेखौफ अवैध रेत का खेल, ग्रामीणों ने CM हेल्पलाइन पर खोला मोर्चा

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विशेष संवाददाता

अखबारों और सोशल मीडिया पर खबरें आने के बाद भी प्रशासन मौन; रातभर तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से ग्रामीणों की नींद हराम, हादसे का डर

सिंगरौली। थाना क्षेत्र के ग्राम बलियरी में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।

समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर लगातार आवाज उठाए जाने के बावजूद संबंधित विभाग और जिला प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। प्रशासनिक उदासीनता से हौसले बुलंद भू-माफिया दिन-रात बेखौफ होकर नदियों का सीना छलनी कर रहे हैं।

कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराकर सीधे मोर्चेबंदी शुरू कर दी है।रात में रोके ट्रैक्टर, जताया कड़ा विरोध स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब उन्होंने रात के अंधेरे में अवैध रेत से लदे कई ट्रैक्टरों को बीच रास्ते में ही रोक दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि रातभर दर्जनों ट्रैक्टर अत्यधिक तेज रफ्तार और लापरवाही से रिहायशी इलाकों से गुजरते हैं। इससे न केवल लोगों की नींद प्रभावित हो रही है, बल्कि अनियंत्रित होकर ये वाहन सड़कों के किनारे बनी नालियों और मकानों की दीवारों को भी क्षतिग्रस्त कर रहे हैं।

नाबालिग चालकों के भरोसे बेकाबू रफ्तार

ग्रामीणों ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि रेत परिवहन में लगे अधिकांश ट्रैक्टरों के चालक नाबालिग हैं। ये लड़के वाहन चलाते समय कान में मोबाइल फोन लगाकर लापरवाही से ड्राइविंग करते हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा और जानलेवा हादसा घटित हो सकता है।

रोजाना लग रहा लाखों का चूना

सूत्रों के मुताबिक, बलियरी और आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन लाखों रुपये की अवैध रेत का उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है।

इस सिंडिकेट से जहां पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है, वहीं शासन को मिलने वाले रॉयल्टी राजस्व का भी भारी नुकसान हो रहा है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए तत्काल नियमित गश्त और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस अवैध परिवहन पर स्थायी अंकुश नहीं लगा, तो वे उग्र होकर लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

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