कलेक्टर का बड़ा एक्शन सचिव निलंबित • सरपंच पर धारा 40 • उपयंत्री पर कार्रवाई

सिंगरौली, 9 जुलाई 2026। जिले में गुणवत्ताविहीन निर्माण और वित्तीय अनियमितता के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत कठदहा में निर्मित चेकडैम के पहली ही बारिश में ध्वस्त होने के मामले में कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर श्री गौरव बैनल के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जगदीश गोमे ने पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि उपयंत्री को संविदा सेवा से पृथक करने तथा सरपंच को पद से हटाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत देवसर की ग्राम पंचायत कठदहा में 15वें वित्त आयोग मद से घघिया नाला पर निर्मित चेकडैम निर्माण के मात्र 15 दिन बाद पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर कराई गई तकनीकी जांच में निर्माण कार्य में कई गंभीर खामियां सामने आईं।
जांच में पाया गया कि चेकडैम की नींव निर्धारित मानक से कम गहराई की थी। ग्रेविटी डैम होने के बावजूद निर्माण में लोहे का उपयोग नहीं किया गया तथा डाउन स्ट्रीम साइड स्लोप भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बनाया गया था। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उपयंत्री द्वारा कार्य का मूल्यांकन किए बिना ही सरपंच एवं सचिव ने निर्माण राशि का आहरण कर लिया, जो वित्तीय अनियमितता और शासकीय राशि के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जिला पंचायत सीईओ श्री जगदीश गोमे ने मध्य प्रदेश पंचायत सेवा नियम 2011 के तहत ग्राम पंचायत सचिव बिहारीलाल साकेत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत देवसर निर्धारित किया गया है।
वहीं तकनीकी पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने पर उपयंत्री श्री सतीष पटेल को संविदा शर्तों के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी कर संविदा सेवा से पृथक किए जाने का जवाब मांगा गया है। दूसरी ओर ग्राम पंचायत कठदहा के सरपंच दिलशरण सिंह को मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर पद से पृथक करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को 13 जुलाई 2026 तक साक्ष्यों सहित उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित तिथि तक संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने स्पष्ट किया है कि शासकीय निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



