मध्य प्रदेश में ₹1160 करोड़ के फोर्टीफाइड चावल घोटाले की जांच तेज, एसआईटी कर रही पड़ताल

मध्य प्रदेश में ₹1160 करोड़ के फोर्टीफाइड चावल घोटाले की जांच तेज, एसआईटी कर रही पड़ताल
भोपाल। मध्य प्रदेश में सामने आए कथित ₹1160 करोड़ के फोर्टीफाइड चावल घोटाले ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पोषण योजनाओं के लिए निर्धारित फोर्टीफाइड चावल का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर जांच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, करोड़ों रुपये मूल्य का फोर्टीफाइड चावल, जो बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए निर्धारित था, उसके निर्धारित उपयोग के बजाय अन्य माध्यमों से खपाए जाने के आरोप हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे प्रकरण में अधिकारियों, राइस मिल संचालकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही हैं।
एसआईटी द्वारा विभिन्न जिलों में दस्तावेजों की जांच, छापेमारी और पूछताछ की कार्रवाई जारी है। मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सरकार का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है तथा जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह मामला वर्तमान में जांच के अधीन है। अंतिम निष्कर्ष और जिम्मेदारी जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
— अपना विचार समाचार
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