देश प्रदेशबड़ी न्यूज़मुद्दे की बात नंदकिशोर के साथ

राजमाता जीजाबाई: स्वराज्य की प्रेरणाशक्ति 

राजमाता जीजाबाई: स्वराज्य की प्रेरणाशक्ति 

भारतीय इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं जिनका योगदान केवल उनके कार्यों से नहीं, बल्कि उनके द्वारा दिए गए संस्कारों और विचारों से भी अमर हो जाता है। ऐसी ही महान विभूति थीं राजमाता जीजाबाई, जिन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज की माता और मराठा स्वराज्य की प्रेरणाशक्ति के रूप में जाना जाता है।

जीजाबाई का जन्म लगभग 1598 ईस्वी में एक प्रतिष्ठित मराठा परिवार में हुआ था। उनके पिता लखुजी जाधव एक प्रभावशाली सरदार थे। उनका विवाह शाहजी भोंसले से हुआ, जो उस समय के प्रसिद्ध योद्धा और सेनानायक थे।

जीजाबाई केवल एक माता ही नहीं थीं, बल्कि एक दूरदर्शी, साहसी और राष्ट्रप्रेमी महिला भी थीं। उन्होंने बालक शिवाजी को बचपन से ही धर्म, न्याय, स्वाभिमान और वीरता के संस्कार दिए। रामायण, महाभारत तथा महान योद्धाओं की गाथाएँ सुनाकर उन्होंने शिवाजी के मन में स्वतंत्र और स्वाभिमानी राज्य की भावना जागृत की। यही संस्कार आगे चलकर मराठा स्वराज्य की नींव बने।

जब शाहजी भोंसले विभिन्न सैन्य अभियानों में व्यस्त रहते थे, तब जीजाबाई ने परिवार और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारियाँ संभालीं। उन्होंने पुणे क्षेत्र के विकास और व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन ने शिवाजी महाराज को एक महान शासक बनने की दिशा दी।

इतिहास साक्षी है कि शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व के निर्माण में जीजाबाई का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण था। उन्होंने अपने पुत्र को केवल युद्ध जीतना नहीं सिखाया, बल्कि प्रजा का सम्मान करना, न्याय करना और मातृभूमि के प्रति समर्पित रहना भी सिखाया।

17 जून 1674 को, शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के कुछ ही दिनों बाद, राजमाता जीजाबाई का निधन हो गया। किंतु उनके विचार, संस्कार और आदर्श आज भी भारतीय समाज को प्रेरणा देते हैं।

राजमाता जीजाबाई हमें यह संदेश देती हैं कि एक सशक्त और संस्कारवान माता केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का भविष्य गढ़ सकती है।

🙏 राजमाता जीजाबाई को विनम्र श्रद्धांजलि।

#RajmataJijabai #Jijau #ShivajiMaharaj #MarathaHistory #IndianHistory #Inspiration #Swarajya

#Buddha #Dhamma #Sangha 💐💌 🚩

Author

  • नंदकिशोर पटेल
    प्रधान संपादक एवं प्रकाशक
    भारत सरकार के नियमानुसार पंजीकृत समाचार पत्र के संपादक के रूप में निष्पक्ष, निर्भीक एवं जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित। सत्य, पारदर्शिता और जनविश्वास हमारी पहचान है।

    सत्य • निष्पक्षता • जनहित

apnavichar

नंदकिशोर पटेल प्रधान संपादक एवं प्रकाशक भारत सरकार के नियमानुसार पंजीकृत समाचार पत्र के संपादक के रूप में निष्पक्ष, निर्भीक एवं जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित। सत्य, पारदर्शिता और जनविश्वास हमारी पहचान है।
सत्य • निष्पक्षता • जनहित

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button